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जानिए आईवीएफ द्वारा गर्भधारण की पूरी प्रक्रिया: (IVF Treatment in Hindi)

Prime IVF is the Most Advanced Infertility Treatment Centre in Gurgaon

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जानिए आईवीएफ द्वारा गर्भधारण की पूरी प्रक्रिया: (IVF Treatment in Hindi)
02 Jan 2022•Last Updated:•Medical Review By:Dr. Nishi SinghDr. Nishi Singh•Prime IVF Center
  1. 1.इन विट्रो फर्टिलाइजेशन(आईवीएफ) लागत(IVF Cost in Hindi)
  2. 2.आईवीएफ प्रक्रिया क्या है?(IVF Process in Hindi)आईवीएफ का फुल फॉर्म(IVF Full Form in Hindi)
  3. 2.1.आईवीएफ का फुल फॉर्म और रोचक तथ्य
  4. 3.आईवीएफ प्रक्रिया कैसे की जाती है?(ivf process step by step in hindi)
  5. 3.1.ओवेरियन स्टिमुलेशन (ovarian stimulation)
  6. 4.ओवरी से एग निकालना (egg removal from ovary)
  7. 4.1.स्पर्म लेना (Sperm Collection)
  8. 4.2.फर्टिलाइजेशन (fertilization)
  9. 4.3.गर्भ में भ्रूण का स्थानांतरण (embryo transfer in the womb)
  10. 5.आई वी एफ के बाद सावधानी (Precautions After IVF Pregnancy)
  11. 6.5. आईवीएफ उपचार के लिए कितने इंजेक्शन?(how many injections for ivf treatment?)
  12. 7.FAQ’s
  13. 7.1.1. आईवीएफ के फायदे (Benefits Of IVF Treatment In Hindi
  14. 7.2.2. आईवीएफ के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of IVF In Hindi)
  15. 7.3.3. आईवीएफ के लिए फर्टिलिटी डॉक्टर को कैसे चुनें (How To Choose IVF Doctor)
  16. 7.4.4. आईवीएफ से पहले महिला की जांच (Tests Before IVF Treatment In Hindi)

#Medically reviewed by Dr. Nishi Singh, IVF Specialist – Prime IVF

आईवीएफ भारत भर में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले और प्रभावी प्रजनन उपचारों में से एक बन गया है, जो बांझपन से जूझ रहे जोड़ों के लिए आशा की किरण है। हालाँकि, इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले मरीज़ों द्वारा पूछे जाने वाले सबसे आम सवालों में से एक है: आईवीएफ पूरा होने में कितना समय लगता है? इसका उत्तर हमेशा सीधा नहीं होता, क्योंकि आईवीएफ के लिए आवश्यक समय व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियों, उपचार योजनाओं और चिकित्सा प्रोटोकॉल के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। Prime IVF जैसे क्लिनिक अनुकूलित प्रजनन समाधान प्रदान करते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर, आईवीएफ की समय-सीमा को समझने से जोड़ों को भावनात्मक और शारीरिक दोनों रूप से तैयार होने में मदद मिलती है।

माँ बनने का एहसास हर एक महिला के लिए बहुत खास होता है। ऐसा माना जाता है कि जब महिला माँ बनती है तो यह उनके लिए एक नया जीवन जैसा होता है। लेकिन अगर किसी वजह से कोई महिला माँ नहीं बन पाती तो यह उसके लिए एक कमी जैसा होता है। एक महिला के माँ न बनने के कई कारण हो सकते हैं, उनमें से एक है महिला का बांझपन।

कुछ साल पहले की ही बात करें तो यदि एक महिला माँ नहीं बन सकती थी तो यह उसके लिए बहुत बड़ी समस्या थी। लेकिन आज समय बदल चुका है । मेडिकल फील्ड ने काफी बढ़ोतरी कर ली है और अब महिला के लिए कई ऐसे ट्रीटमेंट उपलब्ध है जिनसे बांझपन को आसानी से दूर करने में मदद मिल सकती है। इनमें से एक का नाम है आईवीएफ यानी कि इन विट्रो फर्टिलाइजेशन। आज इसी ट्रीटमेंट की मदद से कपल आसानी से माता-पिता बन पाते हैं और एक बच्चे के अपने जीवन में होने की खुशी को महसूस कर पाते हैं। आज इस लेख में हम आईवीएफ प्रक्रिया के बारे में चरण दर चरण (IVF process step by step in Hindi) विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे और विशेषज्ञ की मदद से इसे समझेंगे 

इन विट्रो फर्टिलाइजेशन(आईवीएफ) लागत(IVF Cost in Hindi)

इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे दंपत्ति के लिए आईवीएफ सबसे सटीक और भरोसेमंद इलाज है। यदि आप किसी भी प्रकार के बांझपन की समस्या से पीड़ित हैं तो विश्वसनीय आईवीएफ केंद्र से संपर्क करें। यह सुनिश्चित करता है कि आपको उचित मूल्य पर सर्वोत्तम उपचार मिलेगा (दिल्ली में आईवीएफ के खर्च के बारे में अधिक जानकारी के लिए “आईवीएफ उपचार की लागत” पर क्लिक करें)।

आईवीएफ अपने सक्सेस रेट की वजह से ही यह बहुत तेजी से पॉपुलर भी हो रहा है और अधिकतर बड़े हॉस्पिटल में उपलब्ध होता है। आज के टाइम में हर एरिया में आईवीएफ के डॉक्टर आसानी से मिल जाते हैं जिनके बारे में पता लगाने के लिए फीडबैक भी उपलब्ध होते हैं। ऐसे में आप आसानी से फैसला कर सकते हैं कि आपको किस डॉक्टर के पास जाना चाहिए। यह ट्रीटमेंट करवाने में खर्चा भी बहुत ज्यादा नहीं आता इसलिए एक आम आदमी भी इसके विषय में सोच सकता है। इस आर्टिकल में हम IVF process in Hindi पढ़ेंगे।

आईवीएफ प्रक्रिया क्या है?(IVF Process in Hindi)आईवीएफ का फुल फॉर्म(IVF Full Form in Hindi)

आईवीएफ (IVF) एक प्रचिलित फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (fertility treatment) हैं जिसका उपयोग बांझपन (infertility) से पीड़ित लोगों के उपचार के लिए किया जाता हैं। आईवीएफ (IVF) ट्रीटमेंट के दौरान स्त्री के अंडे और पुरुष के स्पर्म को लैब में फ्यूज (fuse) किया जाता है जिससे भ्रूण का निर्माण होता हैं। भूर्ण के निर्माण के बाद भूर्ण को महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता हैं।

आईवीएफ का फुल फॉर्म और रोचक तथ्य

आईवीएफ ट्रीटमेंट ( IVF Treatment ) इन विट्रो फर्टिलाइजेशन और टेस्ट ट्यूब बेबी के नाम से भी जाना जाता है। पहली बार इस प्रक्रिया का उपयोग 1978 में इंग्लैंड में हुआ। माना कि आईवीएफ ट्रीटमेंट एक मुश्किल प्रोसेस है लेकिन फिर भी लोग इसे तेजी से अपना रहे हैं क्योंकि इसका सक्सेस रेट काफी अच्छा है। दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि आज के समय में जो माता-पिता बच्चा पैदा नहीं कर पा रहे हैं उनके लिए आईवीएफ ट्रीटमेंट सबसे अच्छा है।

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आईवीएफ प्रक्रिया कैसे की जाती है?(ivf process step by step in hindi)

आइये बात करते है की IVF कैसे किया जाता है , आईवीएफ उपचार से पहले, डॉक्टर द्वारा सलाह ली जाती है कि आप इस ट्रीटमेंट के लिए सही कैंडिडेट है भी या नहीं। डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, आपके स्वास्थ्य आदि के बारे में जानने के बाद आपको बता पाते हैं कि आपको आईवीएफ करवाना चाहिए या नहीं। आईवीएफ तकनीक की पूरी प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाती है जिनमें शामिल हैं ओवेरियन स्टिमुलेशन, ओवरी से एग निकालना, पुरुष का स्पर्म लेना, फर्टिलाइजेशन और महिला गर्भ में भ्रूण रखना। आईवीएफ ट्रीटमेंट के एक साइकिल में लगभग 2 से 3 हफ्ते लग सकते हैं और इसमें एक से ज्यादा साइकिल की जरूरत होती है।

ओवेरियन स्टिमुलेशन (ovarian stimulation)

अगर आप आईवीएफ ट्रीटमेंट के समय अपना ही एग उपयोग कर रहे हैं तो साइकिल के शुरू में आपकी ओवरी को अधिक अंडे का निर्माण करने के लिए उत्तेजित किया जाता है जिसके लिए डॉक्टर सिंथेटिक हार्मोन से ट्रीटमेंट शुरू करते हैं।

एक से ज्यादा एग की जरूरत इसलिए होती है क्योंकि कुछ एग फर्टिलाइजेशन के बाद नॉर्मल तरीके से विकसित नहीं होते हैं। इस प्रक्रिया में कई सारे टेस्ट करने की जरूरत पड़ सकती है जिससे यह पता लग सके कि कौन-सी दवाओं का इस्तेमाल करना है और किस समय करना है। सामान्य तौर पर एग देने से पहले आपको लगभग 2 सप्ताह के ओवेरियन स्टिमुलेशन की जरूरत होगी। यह बताने के लिए कि आपके एग्स कब लिए जा सकते हैं, डॉक्टर ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड आदि के लिए भी कह सकते है।

ओवरी से एग निकालना (egg removal from ovary)

ओवरी से एग निकालने का प्रोसेस महिला के ओवुलेशन प्रोसेस के 34 से 36 घंटे बाद ही शुरू किया जाता है। यह प्रोसेस डॉक्टर के क्लीनिक में भी किया जा सकता है। ऐसे समय में आपको बेहोश किया जाता है और ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड की मदद से आपकी वैजाइना में एक बहुत ही पतली सुई डालकर एग को निकाला जाता है। जो अंडे स्वस्थ और परिपक्व होते हैं उन्हें स्पर्म से मिलाया जाता है। यह अलग बात है कि सभी एग को सफलतापूर्वक फर्टिलाइज नहीं किया जा सकता हैं।

स्पर्म लेना (Sperm Collection)

अगर आपके पार्टनर का स्पर्म इस्तेमाल किया जाता है तो यह प्रोसेस आपके डॉक्टर के क्लीनिक में भी पूरा किया जा सकता है। ऐसा करने के लिए मास्टरबेशन की मदद से डॉक्टर को आईवीएफ प्रोसेस के लिए स्पर्म दिया जाता है। प्रोसेस के बाद डॉक्टर स्पर्म को स्पर्म फ्लूड से अलग कर देते है।

फर्टिलाइजेशन (fertilization)

यह प्रोसेस आमतौर पर दो तरीकों के इस्तेमाल से किया जा सकता है:

परंपरागत गर्भधारण – पारंपरिक गर्भधारण के दौरान एग और स्पर्म को आपस में मिलाया जाता है और ऊष्मायन किया जाता है।

इंट्रा साइटो प्लाज़्मिक स्पर्म इंजेक्शन – इसमें एक स्वस्थ स्पर्म को अंडे में इंजेक्ट किया जाता है। ऐसा तब किया जाता है जब स्पर्म की क्वालिटी या नंबर सही नहीं होता या जब पहली साइकिल के दौरान फर्टिलाइजेशन असफल हो जाता है।

गर्भ में भ्रूण का स्थानांतरण (embryo transfer in the womb)

यह प्रोसेस आईवीएफ डॉक्टर (IVF Doctor) अपने क्लीनिक में करता है और लगभग 2 से 5 दिन के बाद होता है। आपको एक हल्का सा पेन रिलीवर भी दिया जा सकता है। यह प्रोसेस आमतौर पर पेन फ्री होता है लेकिन थोड़ी बहुत ऐंठन महसूस हो सकती है। इसके बाद डॉक्टर केथेटर से भ्रूण को आपके गर्भाशय में रख देते हैं। इस प्रक्रिया के बाद आप अपने डेली रूटीन पर वापस आ सकते हैं। IVF process in Hindi को पढ़ने के बाद आपको सारी जानकारी मिल जाती है। आईवीएफ गर्भावास्था के बाद सुरक्षा सावधानियाँ रखनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके।

आई वी एफ के बाद सावधानी (Precautions After IVF Pregnancy)

क्या आप जानते हैं कि आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान आपको कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? यदि नहीं, तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में पूछें या फिर अधिक जानकारी के लिए “आईवीएफ गर्भावस्था के बाद सावधानियों” पर क्लिक करें।

5. आईवीएफ उपचार के लिए कितने इंजेक्शन?(how many injections for ivf treatment?)

इस प्रक्रिया के दौरान आपको नियमित रूप से अपने डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि कभी-कभी आपका डॉक्टर इंजेक्शन लगा सकता है। आईवीएफ इंजेक्शन की संख्या वास्तव में आपकी स्थिति पर निर्भर करती है। आईवीएफ इंजेक्शन के बारे में अधिक जानने के लिए अपने डॉक्टर से पूछें या पढ़ें कि “आईवीएफ उपचार के लिए कितने इंजेक्शन की आवश्यकता होती है“।

FAQ’s

1. आईवीएफ के फायदे (Benefits Of IVF Treatment In Hindi

आईवीएफ उन कई जोड़ों के लिए सबसे सफल विकल्प हो सकता है जो बांझपन से जूझ रहे हैं, या जिनके लिए पारंपरिक गर्भाधान और गर्भावस्था का विकल्प नहीं है – जैसे समलैंगिक जोड़े। आईवीएफ के और भी अनेक लाभ है जैसे:-

  • आईवीएफ की मदद से पुरुष बांझपन की समस्या वाले दंपत्ति के पास स्वाभाविक रूप से गर्भधारण करने की अधिक संभावना होती हैं।
  • पीसीओएस (PCOS) से जूझ रहीं महिलाओं में भी आईवीएफ बहुत सफल साबित हुआ है
  • प्रीमैच्योर ओवेरियन फेल्योर या मेनोपॉज वाली महिलाएं डोनर अंडे का उपयोग करके आईवीएफ उपचार करवा सकती हैं, जिसमें आमतौर पर उच्च सफलता दर होती है
  • आईवीएफ का उपयोग ज्यादा उम्र की महिलाओं के गर्भधारण की संभावना को अधिकतम करने के लिए किया जा सकता है

2. आईवीएफ के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of IVF In Hindi)

हालांकि आईवीएफ उपचार बांझपन की समस्या वाले जोड़ों के लिए सबसे अच्छे उपचारों में से एक है। लेकिन इसके कुछ जोखिम भी हैं जो इस प्रकार हैं: –

  • एकाधिक जन्म
  • समयपूर्व प्रसव
  • ओवरियन हाइपरस्टीमुलेशन सिंड्रोम

आमतौर पर आईवीएफ उपचार के दुष्प्रभाव दुर्लभ होते हैं यदि यह विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है। तो हमेशा प्राइम आईवीएफ (Prime IVF) जैसे विश्वसनीय आईवीएफ केंद्र से परामर्श लें।

3. आईवीएफ के लिए फर्टिलिटी डॉक्टर को कैसे चुनें (How To Choose IVF Doctor)

सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ डॉक्टर चुनते समय कई बातों पर ध्यान देना चाहिए। कुछ चीजें जिनके बारे में आपको सोचना चाहिए उनमें शामिल हैं:-

  • आईवीएफ केंद्र और डॉक्टर की सफलता दर
  • कर्मचारियों का अनुभव
  • आईवीएफ उपचार की लागत
  • आईवीएफ केंद्र का स्थान
  • आईवीएफ उपचार के प्रकार

आईवीएफ डॉक्टर या आईवीएफ केंद्र चुनते समय, आप के लिए शोध करना और बहुत सारे प्रश्न पूछना महत्वपूर्ण है। आपको आईवीएफ केंद्र के कर्मचारियों से भी मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए की यह डॉक्टर या आईवीएफ केंद्र आपके लिए उपयुक्त है।

4. आईवीएफ से पहले महिला की जांच (Tests Before IVF Treatment In Hindi)

आईवीएफ एक महत्वपूर्ण और जटिल प्रक्रिया है इस लिए आपका डॉक्टर आईवीएफ उपचार से पहले यह सुनिश्चित करने के लिए कई परीक्षणों के लिए कह सकता है कि आप आईवीएफ उपचार प्रक्रिया के लिए चिकित्सकीय और शारीरिक रूप से तैयार हैं। इन परीक्षणों में शामिल हैं:-

ओवरियन रिजर्व परीक्षण (Ovarian reserve test): इसमें कुछ सरल हार्मोन रक्त परीक्षण शामिल हैं, जो एक डॉक्टर को यह अनुमान लगाने में मदद करता हैं कि एक महिला के शरीर में कितने अंडे हैं। इस परिक्षण में विशेष रूप से तीन हार्मोन की जांच किए जाते हैं, एफएसएच (FSH), एएमएच (AMH), और एस्ट्राडियोल (estradiol)। एएमएच (AMH) हमें शेष अंडों की संख्या का अंदाजा देता है, एफएसएच (FSH) से उच्च स्तर का मतलब अक्सर ओवेरियन रिजर्व को कम करना होता है, जो आईवीएफ की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकता है।

प्रोलैक्टिन परीक्षण (Prolactin test): प्रोलैक्टिन (Prolactin) एक प्रमुख हार्मोन है, जो स्तन के दूध के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में अधिक प्रोलैक्टिन (Prolactin) की मात्रा गर्भधारण को रोक सकता है। इस परीक्षण के परिणाम डॉक्टर को यह तय करने में मदद कर सकता हैं कि प्रत्येक महिला के लिए कौन सी दवा सबसे उपयुक्त हो सकती है।

#This information is medically reviewed by fertility experts at Prime IVF Centre, serving patients across Delhi and Gurgaon.

IVF Process in Hindi | Step-by-Step IVF Guide